देहरादूनः चीन का कांच वाला पुल तो आप ने देखा ही होगा, ठीक उसी तर्ज पर ऋषिकेश में चंद्रभागा और गंगा नदी के संगम पर ऐसा पुल बनाया जाना था। लेकिन सुरक्षा कारणों से अब इस प्रोजेक्ट को बंद करने का फैसला लिया गया है। दरअसल कुंभ मेला-2021 को ध्यान में रखते हुए गंगा किनारे आस्था पथ, और चंद्रभागा और गंगा के सौंदर्य को विश्व पर्यटन के नक्शे पर अलग पहचान दिलाने को लेकर कांच का पुल बनाने की योजना थी। आस्था पथ के ‘टी-प्वाइंट’ पर पांच करोड़ की लागत से इस पुल को बनाया जाना था। लेकिन सुरक्षा के लिहाज खतरनाक मानते हुए शासन नंे इस पुल के निर्माण को खारिज कर दिया है। अब यहां स्टील का पुल बनाने की योजना है लेकिन इसे भी मंजूरी नहीं मिल पाई है।

चीन की तर्ज पर बनना था पुल
चंद्रभागा नदी पर कांच के जिस पुल का निर्माण किया जाना था, ऐसा ही पुल चीन के हेबेई प्रांत में बना हुआ है। हालांकि यह पुल जमीन से 218 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है और करीब 430 मीटर लंबा है। 2017 में इस पुल को पर्यटकों के लिए खोला गया था। हरिद्वार कुंभ की तैयारियों के बीच कुंभ मेला अधिष्ठान आस्था पथ के पास चंद्रभागा नदी और गंगा के किनारों को जोड़ने के ऐसा ही कांच का 80 मीटर पुल तैयार किया जाना था। इस पुल का उद्देश्य आस्था पथ के जरिए ऋषिकेश के प्राकृतिक सौंदर्य को विश्व पर्यटन के पर अलग पहचान दिलाना था। लेकिन शासन ने कुंभ के दौरान होने वाली भारी भीड़ और सुरक्षा को देखते हुए इसे खतरनाक माना । जिसके बाद इस प्रोजेक्ट को खारिज कर दिया गया।
क्या कहते हैं अधिकारी
कांच के पुल को लेकर अधिकारियों का कहना है कि इस पुल को सुरक्षा कारणों के चलते खारिज किया गया है। अगर इस प्रकार का पुल बनता तो निश्चित तौर वह ऋषिकेश के पर्यटन के लिए वरदान साबित होता। लेकिन नदी किनारे और कुंभ में बेतहाशा भीड़ के चलते इसे फिलहाल खारिज कर दिया गया है इसकी जगह स्टील के ब्रिज का निर्माण किया जायेगा। हालांकि सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता डीके सिंह बताते हैं शासन ने सुरक्षा कारणों से इसे नहीं बनाने का फैसला लिया है। उनका कहना है कि वर्तमान में यहां कोई भी पुल बनने का प्रस्ताव नहीं है, क्योंकि अब कुंभ की दृष्टि से यहां पर पुल का समय ही नहीं बचा है। वहीं, कुंभ मेला अधिकारी दीपक रावत ने बताया कि सुरक्षा के लिहाज से योजना को स्वीकृति नहीं मिल पाई।